Previous Year Hindi Questions : SSC GD Constable 2022 [13/01/2023, 4th Shift]

यहाँ पर आपके लिए SSC GD Constable Exam 2022 के हिंदी विषय के प्रश्न उपलब्ध करवाये गये हैं। ये सभी प्रश्न 13 जनवरी 2023 की चौथी शिफ्ट में पूछे गए हैं।

  Previous Year Hindi Questions : SSC GD Constable 2022 [13/01/2023, 3rd Shift]

1. निम्नलिखित में से कौन सा सार्वनामिक विशेषण शब्द नहीं है? 

2. निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित अंश के स्थान पर सबसे उपयुक्त विकल्प निम्न में से कौन-सा होगा?

शत्रु मैदान से दौड़ खड़ा हुआ

3. निम्नलिखित विकल्पों में से कौन सा एक वाक्य संयोजक क्रिया-विशेषण से सम्बन्ध रखता है? 

4. ‘महादेवी वर्मा महान कवियत्री थीं।’ इस वाक्य में अशुद्ध वर्तनी वाला शब्द है - 

5. ‘जिसका जन्म बाद में हुआ हो’ वाक्यांश के लिए उपयुक्त शब्द क्या होगा?

6. वे जन्मपर्यंत ब्रह्मचारी रहे।

उपर्युक्त वाक्य में रेखांकित पद के स्थान पर निम्न में से कौन सा शब्द आ सकता है?

7. भगवान विष्णु ने एक अवतार कूर्म के रूप में भी लिया था।

उपरोक्त वाक्य में प्रयुक्त 'कूर्म' शब्द का पर्याय क्या होगा? 

8. निम्नलिखित वाक्य का शुद्ध रूप क्या होगा?

'वेसब काल चक्र के पहिए के नीचे पिश गए।' 

9. ‘नाव’ के पर्यायवाची शब्द से निम्न वाक्य पूर्ण कीजिए।

नाविक ________ से नदी पार कराता है।

10. निम्नलिखित वाक्यांश के लिय उपयुक्त सार्थक शब्द चुनिए।

भाप के कारण होने वाला अंधेरा

11. निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित शब्द के सही विलोम से दिए गए वाक्य के रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए।

उसका रवैया ढुलमुल नहीं है, वह अपनी बात पर सदैव _________ रहता है।

12. प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती।

उपरोक्त वाक्य में रेखांकित शब्द के विलोम शब्द का चयन कीजिए। 

13. ‘घोड़े बेंचकर सोना’ मुहावरे का सही अर्थ है -

14. नीचे दिए शब्द के लिए उचित वाक्यांश दिए गए विकल्पों में से चुनिए-

अन्यमनस्क

15. ‘हुक्का पानी बंद करना’ मुहावरे का सही अर्थ है -

16. प्रश्न 1 से 5 तक के उत्तर निम्नांकित गद्यावतरण के आधार पर दीजिए।

जिन दिनों जीवन अपेक्षाकृत गतिहीन था, उन दिनों कथनी और करनी का विरोध उतना नहीं था, लेकिन ज्यों –
ज्यों राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों की रफ्तार तेज होती गयी, इस विरोध की उग्रता भी अधिकाधिक (1)
_________ होती गयी। आज जब हम (2) _____________ के दरवाजे पर खड़े हैं, तब हमें अपने इस आंतरिक विरोध का शमन करना ही पड़ेगा अन्यथा सर्वनाश अवश्यंभावी है। मानव - मन की अतल गहराई में हम
यदि झाँक कर देखें तो वहाँ आज भी (3) ____________ की दमित वासनाएँ केंचुली मारे बैठी हैं। वाणी उसकी कितनी ही सांस्कारिक क्यों न हो गयी हो, पर (4) ____________ में मैल के पर्त्त और भी मोटे होते गए हैं। हमारे आचरण की तुलना में हमारे उद्गार इतने ऊँचे हैं कि उन्हें सुनकर आश्चर्य होता है। बात तो हम ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की करते हैं, परंतु काम हमारे कुछ और होते हैं। सिद्धांत तो सहिष्णुता का बघारते हैं, लेकिन व्यवहार में हम चाहते हैं कि दूसरे भी वही सोचे, जो हम सोचते हैं – हमारा नेतृत्व और श्रेष्ठता बेझिझक स्वीकार करे। यह खतरे की स्थिति में हैऔर यह खतरा बाहर नहीं, हमारे भीतर बैठा (5) ___________ की ताक में है।

निम्न विकल्पों में से ‘प्रति’ उपसर्ग वाले सर्वाधिक उपयुक्त शब्द का चयन कर रिक्त स्थान (1) की पूर्ति कीजिए।

17. प्रश्न 1 से 5 तक के उत्तर निम्नांकित गद्यावतरण के आधार पर दीजिए।

जिन दिनों जीवन अपेक्षाकृत गतिहीन था, उन दिनों कथनी और करनी का विरोध उतना नहीं था, लेकिन ज्यों –
ज्यों राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों की रफ्तार तेज होती गयी, इस विरोध की उग्रता भी अधिकाधिक (1)
_________ होती गयी। आज जब हम (2) _____________ के दरवाजे पर खड़े हैं, तब हमें अपने इस आंतरिक विरोध का शमन करना ही पड़ेगा अन्यथा सर्वनाश अवश्यंभावी है। मानव - मन की अतल गहराई में हम
यदि झाँक कर देखें तो वहाँ आज भी (3) ____________ की दमित वासनाएँ केंचुली मारे बैठी हैं। वाणी उसकी कितनी ही सांस्कारिक क्यों न हो गयी हो, पर (4) ____________ में मैल के पर्त्त और भी मोटे होते गए हैं। हमारे आचरण की तुलना में हमारे उद्गार इतने ऊँचे हैं कि उन्हें सुनकर आश्चर्य होता है। बात तो हम ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की करते हैं, परंतु काम हमारे कुछ और होते हैं। सिद्धांत तो सहिष्णुता का बघारते हैं, लेकिन व्यवहार में हम चाहते हैं कि दूसरे भी वही सोचे, जो हम सोचते हैं – हमारा नेतृत्व और श्रेष्ठता बेझिझक स्वीकार करे। यह खतरे की स्थिति में हैऔर यह खतरा बाहर नहीं, हमारे भीतर बैठा (5) ___________ की ताक में है।

निम्न विकल्पों में से  उपयुक्त शब्द का चयन कर रिक्त स्थान (2) की पूर्ति कीजिए।

18. प्रश्न 1 से 5 तक के उत्तर निम्नांकित गद्यावतरण के आधार पर दीजिए।

जिन दिनों जीवन अपेक्षाकृत गतिहीन था, उन दिनों कथनी और करनी का विरोध उतना नहीं था, लेकिन ज्यों –
ज्यों राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों की रफ्तार तेज होती गयी, इस विरोध की उग्रता भी अधिकाधिक (1)
_________ होती गयी। आज जब हम (2) _____________ के दरवाजे पर खड़े हैं, तब हमें अपने इस आंतरिक विरोध का शमन करना ही पड़ेगा अन्यथा सर्वनाश अवश्यंभावी है। मानव - मन की अतल गहराई में हम
यदि झाँक कर देखें तो वहाँ आज भी (3) ____________ की दमित वासनाएँ केंचुली मारे बैठी हैं। वाणी उसकी कितनी ही सांस्कारिक क्यों न हो गयी हो, पर (4) ____________ में मैल के पर्त्त और भी मोटे होते गए हैं। हमारे आचरण की तुलना में हमारे उद्गार इतने ऊँचे हैं कि उन्हें सुनकर आश्चर्य होता है। बात तो हम ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की करते हैं, परंतु काम हमारे कुछ और होते हैं। सिद्धांत तो सहिष्णुता का बघारते हैं, लेकिन व्यवहार में हम चाहते हैं कि दूसरे भी वही सोचे, जो हम सोचते हैं – हमारा नेतृत्व और श्रेष्ठता बेझिझक स्वीकार करे। यह खतरे की स्थिति में हैऔर यह खतरा बाहर नहीं, हमारे भीतर बैठा (5) ___________ की ताक में है।

निम्न विकल्पों में से  उपयुक्त शब्द का चयन कर रिक्त स्थान (3) की पूर्ति कीजिए।

19. प्रश्न 1 से 5 तक के उत्तर निम्नांकित गद्यावतरण के आधार पर दीजिए।

जिन दिनों जीवन अपेक्षाकृत गतिहीन था, उन दिनों कथनी और करनी का विरोध उतना नहीं था, लेकिन ज्यों –
ज्यों राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों की रफ्तार तेज होती गयी, इस विरोध की उग्रता भी अधिकाधिक (1)
_________ होती गयी। आज जब हम (2) _____________ के दरवाजे पर खड़े हैं, तब हमें अपने इस आंतरिक विरोध का शमन करना ही पड़ेगा अन्यथा सर्वनाश अवश्यंभावी है। मानव - मन की अतल गहराई में हम
यदि झाँक कर देखें तो वहाँ आज भी (3) ____________ की दमित वासनाएँ केंचुली मारे बैठी हैं। वाणी उसकी कितनी ही सांस्कारिक क्यों न हो गयी हो, पर (4) ____________ में मैल के पर्त्त और भी मोटे होते गए हैं। हमारे आचरण की तुलना में हमारे उद्गार इतने ऊँचे हैं कि उन्हें सुनकर आश्चर्य होता है। बात तो हम ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की करते हैं, परंतु काम हमारे कुछ और होते हैं। सिद्धांत तो सहिष्णुता का बघारते हैं, लेकिन व्यवहार में हम चाहते हैं कि दूसरे भी वही सोचे, जो हम सोचते हैं – हमारा नेतृत्व और श्रेष्ठता बेझिझक स्वीकार करे। यह खतरे की स्थिति में हैऔर यह खतरा बाहर नहीं, हमारे भीतर बैठा (5) ___________ की ताक में है।

निम्न विकल्पों में से  उपयुक्त शब्द का चयन कर रिक्त स्थान (4) की पूर्ति कीजिए।

20. प्रश्न 1 से 5 तक के उत्तर निम्नांकित गद्यावतरण के आधार पर दीजिए।

जिन दिनों जीवन अपेक्षाकृत गतिहीन था, उन दिनों कथनी और करनी का विरोध उतना नहीं था, लेकिन ज्यों –
ज्यों राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों की रफ्तार तेज होती गयी, इस विरोध की उग्रता भी अधिकाधिक (1)
_________ होती गयी। आज जब हम (2) _____________ के दरवाजे पर खड़े हैं, तब हमें अपने इस आंतरिक विरोध का शमन करना ही पड़ेगा अन्यथा सर्वनाश अवश्यंभावी है। मानव - मन की अतल गहराई में हम
यदि झाँक कर देखें तो वहाँ आज भी (3) ____________ की दमित वासनाएँ केंचुली मारे बैठी हैं। वाणी उसकी कितनी ही सांस्कारिक क्यों न हो गयी हो, पर (4) ____________ में मैल के पर्त्त और भी मोटे होते गए हैं। हमारे आचरण की तुलना में हमारे उद्गार इतने ऊँचे हैं कि उन्हें सुनकर आश्चर्य होता है। बात तो हम ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की करते हैं, परंतु काम हमारे कुछ और होते हैं। सिद्धांत तो सहिष्णुता का बघारते हैं, लेकिन व्यवहार में हम चाहते हैं कि दूसरे भी वही सोचे, जो हम सोचते हैं – हमारा नेतृत्व और श्रेष्ठता बेझिझक स्वीकार करे। यह खतरे की स्थिति में हैऔर यह खतरा बाहर नहीं, हमारे भीतर बैठा (5) ___________ की ताक में है।

निम्न विकल्पों में से  उपयुक्त शब्द का चयन कर रिक्त स्थान (5) की पूर्ति कीजिए।


 

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